Sukanya Samriddhi Yojana – अपनी बेटी के भविष्य के लिए छोटी-सी रकम से बड़ा कोष तैयार करने का सबसे भरोसेमंद तरीका Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) मानी जाती है। अगर आप हर साल मात्र ₹27,000 अपनी बेटी के नाम पर नियमित रूप से जमा करते हैं, तो यह सरकारी गारंटीड योजना चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत से लंबे समय में बड़ा फंड बना सकती है। उदाहरण के तौर पर, लागू ब्याज दरें स्थिर रहने और खाता पूरे 21 वर्षों तक चलाने पर अनुमानित रिटर्न लगभग ₹12,46,964 तक पहुंच सकता है। यह सिर्फ एक अनुमान है; वास्तविक राशि उस समय की सरकारी ब्याज दर, जमा की तिथि और जमा की निरंतरता पर निर्भर करेगी। SSY में पैसा पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों में सुरक्षित रहता है, और माता-पिता/अभिभावक के लिए इसे मैनेज करना आसान है। टैक्स की दृष्टि से भी यह योजना आकर्षक है क्योंकि धारा 80C के तहत निवेश पर कर लाभ मिलता है और प्रचलित नियमों के अनुसार ब्याज व परिपक्वता राशि टैक्स-फ्री रहती है। कम जोखिम, सरकारी सुरक्षा और अनुशासनित बचत—ये तीन बातें SSY को माता-पिता की पहली पसंद बनाती हैं।

Sukanya Samriddhi Yojana क्या है और कैसे काम करती है?
Sukanya Samriddhi Yojana केंद्र सरकार की छोटी बचत योजना है जो खासतौर पर बालिकाओं के लिए बनाई गई है। बेटी के जन्म से लेकर अधिकतम 10 वर्ष की आयु तक खाता खुल सकता है, जिसमें माता-पिता/कानूनी अभिभावक खाता संचालित करते हैं। खाते में कम से कम ₹250 सालाना और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किया जा सकता है; जमा अवधि 15 वर्ष की होती है, जबकि खाता खुलने के 21 वर्ष बाद परिपक्व होता है। यानी जमा 15 साल करेंगे, पर ब्याज 21 साल तक मिलता रहेगा—यही अतिरिक्त 6 वर्षों का प्रभाव लंबे समय में बड़ी रकम बनाने में मदद करता है। यह खाता पोस्ट ऑफिस और अधिकृत बैंक शाखाओं में उपलब्ध है, जहां पासबुक और ऑनलाइन/ऑटो-डेबिट सुविधाएं भी मिल सकती हैं। सरकार हर तिमाही ब्याज दर अधिसूचित करती है और ब्याज सालाना चक्रवृद्धि होता है। सरकारी बैकिंग के कारण यह योजना बेहद सुरक्षित मानी जाती है, जिससे दीर्घकालिक लक्ष्य जैसे उच्च शिक्षा और विवाह के लिए अनुशासित पूंजी निर्माण संभव होता है।
₹27,000 वार्षिक जमा से बड़ा फंड कैसे बन सकता है?
मान लें कि आप हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ₹27,000 SSY खाते में जमा करते हैं और योजना की प्रचलित सरकारी ब्याज दरें (उदाहरणार्थ ~8%+ सालाना) पूरे कार्यकाल में औसतन समान बनी रहती हैं। जमा पहले 15 वर्षों तक नियमित चलती है, जबकि उसके बाद 6 वर्षों तक बिना अतिरिक्त जमा के भी खाते में चक्रवृद्धि ब्याज जुड़ता रहता है। यही “जमा + अतिरिक्त ब्याज समय” का संयोजन रिटर्न को मजबूत बनाता है। इसी आधार पर एक सामान्य अनुमान बताता है कि लगातार और समय पर जमा करने पर परिपक्वता के समय कुल रकम लगभग ₹12,46,964 तक जा सकती है। ध्यान दें, यह सिर्फ समझाने के लिए अनुमानित आकलन है—वास्तविक मैच्योरिटी राशि सरकारी अधिसूचित ब्याज दरों, आपकी जमा-तिथियों (साल की शुरुआत में जमा करने से आमतौर पर थोड़ा अतिरिक्त लाभ), और किसी साल जमा छूटने/देर से जमा होने जैसी बातों पर निर्भर करेगी। फिर भी, अनुशासन बनाए रखने से लक्ष्य-पूर्ति की संभावना काफी बढ़ जाती है।
पात्रता, खाता खोलने की प्रक्रिया और जरूरी नियम
खाता केवल भारतीय निवासी बालिका के नाम पर खोला जा सकता है, और एक बालिका के लिए एक ही खाता मान्य है (विशेष परिस्थितियों को छोड़कर)। खाता खोलते समय जन्म प्रमाणपत्र, अभिभावक का KYC (आधार, पैन/पहचान पत्र, पता प्रमाण) और पासपोर्ट-साइज फोटो की जरूरत पड़ती है। न्यूनतम ₹250 से शुरुआत संभव है और साल भर में कई किस्तों में जमा कर सकते हैं—बस कुल मिलाकर चुनी हुई वार्षिक राशि (जैसे ₹27,000) पूरी कर दें। यदि किसी वर्ष जमा छूट जाए तो प्रचलित नियमों के अनुसार खाता पुनः सक्रिय करने का विकल्प रहता है; इसके लिए बकाया न्यूनतम राशि और लागू शुल्क जमा करना पड़ सकता है। खाता पोर्टेबिलिटी (स्थान बदलने पर पोस्ट ऑफिस/बैंक बदलना) भी उपलब्ध रहती है। पासबुक में हर जमा/ब्याज प्रविष्टि दर्ज होती है, इसलिए इसे सुरक्षित रखें। ऑनलाइन या ऑटो-डेबिट सेट करके समय पर जमा सुनिश्चित करना बेहतर रहता है, जिससे ब्याज का पूरा लाभ मिल सके।
टैक्स बेनेफिट, आंशिक निकासी और स्मार्ट युक्तियाँ
SSY “EEE” श्रेणी का लाभ देती है—धारा 80C में सालाना निवेश पर कर कटौती (सीमा के भीतर), और प्रचलित नियमों के अनुसार ब्याज व मैच्योरिटी रकम टैक्स-फ्री। जब बालिका 18 वर्ष की हो जाती है, तो उच्च शिक्षा/विवाह जैसे उद्देश्यों के लिए खाते की शेष राशि का 50% तक आंशिक निकासी संभव है (दस्तावेज/प्रमाण अपेक्षित हो सकते हैं)। विवाह पर खाता समय-पूर्व बंद करने के नियम भी उपलब्ध हैं, बशर्ते आयु-सीमा और दस्तावेज पूरे हों। स्मार्ट युक्तियाँ: (1) हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जमा करें ताकि साल भर का ब्याज मिले, (2) एकमुश्त की जगह मासिक/त्रैमासिक ऑटो-डेबिट सेट करें ताकि चूक ना हो, (3) पासबुक/स्टेटमेंट मिलान करते रहें, (4) किसी भी दर-परिवर्तन या नियम अपडेट पर नज़र रखें, और (5) लक्ष्य राशि तय कर सालाना योगदान को उसी हिसाब से एडजस्ट करें। इन कदमों से ₹27,000 जैसी छोटी वार्षिक जमा भी समय के साथ आपकी बेटी के सपनों के लिए बड़ा और सुरक्षित फंड बना सकती है।
