Post Office RD Yojana – में हर महीने ₹12,000 की किस्त जमा करने पर 5 साल (60 किस्तें) में कुल निवेश ₹7,20,000 बनता है। यदि हम एक यथार्थपरक उदाहरण दर 6.9%–7.0% सालाना (क्वार्टरली कंपाउंडिंग) मानकर कैलकुलेशन करें, तो मैच्योरिटी लगभग ₹8,56,388 तक पहुँच सकती है—यानी करीब ₹1,36,388 का ब्याज लाभ। ध्यान दें, RD दरें सरकार/डाक विभाग द्वारा तिमाही आधार पर संशोधित होती रहती हैं, इसलिए आपका वास्तविक रिटर्न समय और लागू दर पर निर्भर करेगा। RD की खासियत है अनुशासित, सुरक्षित और निश्चित अवधि की बचत; बाजार उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं होता, और छोटे-छोटे मासिक जमा से बड़ा फंड बनता है। परिवार/बिज़नेस कैश-फ्लो के हिसाब से ऑटो-डेबिट लगाकर किस्तें समय पर भरना आसान हो जाता है। मैच्योरिटी राशि सीधे सेविंग खाते में आती है या आप पुनर्निवेश भी चुन सकते हैं। इस लेख में ₹12,000 माहाना के आधार पर पूरी गणना, प्रक्रिया, दस्तावेज़ और सावधानियाँ समझें—ताकि आप लक्ष्य राशि, समयसीमा और कर-नीतियों का मिलान करके अपने लिए सही RD रणनीति तय कर सकें और 5 साल में एक बड़ा, व्यवस्थित फंड तैयार कर लें।

₹12,000 मासिक पर पूरी कैलकुलेशन (Illustration)
कुल निवेश: ₹12,000 × 60 = ₹7,20,000। मान लें RD पर प्रभावी दर ~6.9%–7.0% सालाना (तिमाही चक्रवृद्धि) लागू है। तब किस्त-आधारित (आन्युटी-टाइप) कंपाउंडिंग से 5 साल बाद अनुमानित मैच्योरिटी लगभग ₹8,56,388 आती है। इसका आशय है कि कुल ब्याज लाभ करीब ₹1,36,388 बनता है—जो निश्चित आय साधनों के दायरे में अच्छा माना जाता है। सरल समझ: हर माह जमा हुई किस्त शेष अवधि के लिए कंपाउंड होती है; शुरुआती किस्तों पर ज्यादा समय तक ब्याज लगता है, इसलिए अंतिम फंड तेज़ी से बढ़ता दिखाई देता है। ध्यान रहे, अलग-अलग तिमाहियों में घोषित दर, आपके जमा की वास्तविक तिथियाँ, और किसी देरी/डिफॉल्ट का असर अंतिम रक़म पर पड़ सकता है। इसीलिए, आपकी मैच्योरिटी राशि में थोड़ा ऊपर-नीचे अंतर संभव है। सुरक्षित अनुमान के लिए हमेशा बैंक/पोस्ट ऑफिस की मौजूदा RD दर लेकर ही कैलकुलेटर से अपना प्रोजेक्शन निकालें।
कौन खोल सकता है और प्रक्रिया क्या है?
Post Office RD 5-साला छोटी बचत खाता है, जिसे कोई भी पात्र व्यक्ति/अभिभावक (माइनर के लिए) खोल सकता है। प्रक्रिया दो तरीके—(1) ऑफलाइन: नज़दीकी डाकघर में फॉर्म, KYC (आधार/पैन/फ़ोटो), पता-प्रमाण, और शुरुआती जमा के साथ खाता खोलें; (2) ऑनलाइन: यदि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक/डाक विभाग की इंटरनेट/मोबाइल बैंकिंग सक्रिय है, तो RD खोलना और किस्तें जमा करना डिजिटल रूप से संभव है। भुगतान मोड: नकद, चेक (क्लीयरिंग के बाद), या ऑटो-डेबिट/स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन। पासबुक/ई-स्टेटमेंट में मासिक जमा और ब्याज पोस्टिंग दर्ज होती है। मैच्योरिटी पर राशि आपके सेविंग खाते में मिलती है; चाहें तो एकमुश्त निकालें या किसी अन्य स्कीम/TD/NSC में पुनर्निवेश करें। संयुक्त खाता, नामांकन (नॉमिनी), और किड्स/माइनर RD जैसे विकल्प भी उपलब्ध रहते हैं। समय पर किस्त चूकने पर लेट फीस/डिफॉल्ट नियम लागू हो सकते हैं—इसीलिए ऑटो-डेबिट और रिमाइंडर उपयोगी हैं।
जमा, लचीलापन और उपयोगी सुविधाएँ
हर महीने एक तय तारीख को ₹12,000 जमा करना बेहतर है; इससे कंपाउंडिंग अनुशासित रहती है और डिफॉल्ट चार्ज से बचाव होता है। अधिकतर डाकघरों में स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन/ऑटो-डेबिट की सुविधा है—सैलरी/आय क्रेडिट के तुरंत बाद कटौती सेट कर दें। RD पर कई जगह “लोन अगेंस्ट RD” (नियमों के अधीन) विकल्प मिलता है, जिससे आपात स्थिति में मैच्योरिटी तोड़े बिना तरलता मिल सकती है; ब्याज दरें स्कीम के अनुसार होती हैं। समय से पहले बंद (प्रिमेच्योर क्लोज़र) आमतौर पर अनुमत है, पर उसपर ब्याज/दंड शर्तें लागू होती हैं—पूरा कार्यकाल पूरा करने में ही अधिक लाभ मिलता है। मैच्योरिटी के करीब आते ही पुनर्निवेश योजना तय करें—जैसे बच्चों की फीस, घर की डाउन पेमेंट, या इमरजेंसी फंड। चाहें तो RD के साथ PPF/SSY/TD का मिश्रित पोर्टफोलियो बनाकर अलग-अलग उद्देश्यों के लिए फंडिंग स्ट्रक्चर तय करें।
सावधानियाँ, टैक्स और रेट-सम्बंधी बातें
RD ब्याज पूरी तरह करयोग्य (Taxable) आय है—आपकी स्लैब के अनुसार टैक्स देय हो सकता है; 80C जैसी कटौती RD पर सामान्यतः नहीं मिलती (PPF/SSY अलग हैं)। कुछ संस्थाओं में TDS प्रावधान अलग हो सकते हैं, किंतु कर देयता अंततः आपकी रिटर्न फाइलिंग में समायोजित होती है—फॉर्म 26AS/एआईएस और ब्याज-एंट्री जाँचते रहें। RD दरें हर तिमाही घोषित/संशोधित हो सकती हैं; नए खाते/रिन्यूअल पर लागू दर नोट करें और पासबुक/स्टेटमेंट में ब्याज पोस्टिंग मिलान करें। किस्त में देरी/मिसिंग भुगतान पर पेनल्टी/डिफॉल्ट नियम लागू हो सकते हैं—पहले से अलर्ट/ऑटो-पे सेट करें। ऊपर दी गई ₹8,56,388 की राशि एक शैक्षणिक उदाहरण है; आपकी वास्तविक मैच्योरिटी उस समय की आधिकारिक दर, जमा तिथियों और किसी भी डिफॉल्ट/शुल्क के आधार पर अलग हो सकती है। संदिग्ध “मोटे रिटर्न” वाले दावों से बचें और केवल आधिकारिक दर-सूचनाएँ/कैलकुलेटर पर भरोसा करें।
